Story 1: कहानी- बाँट कर खाये



कहानी- बाँट कर खाये

Story Baant Kar Khaye In Hindi.



     प्राचीनकाल में यह प्रथा थी कि राजा अपने बड़े पुत्र को ही युवराज बनाते थे परन्तु एक राजा ने बड़े पुत्र को युवराज बनाने की अपेक्षा शीलवान पुत्र (Elegant Son) को नियुक्त(Appoint) करने की प्रथा आरम्भ की और उसके लिए एक दिन  एक Test रखा |

   पांच राज कुमार के लिए भोजन परोसे गए जैसे ही वे थाली पे हाथ डालने वाले थे की चार शिकारी कुत्ते उन पर छोड़े गए चार राजकुमार तो घबराकर भाग खड़े हुए। But सबसे छोटा Prince वही बैठा रहा और उसने उन चार राजकुमार के थाल कुत्तो के सामने सरका दिए बस फिर कुत्ते भी खाते रहे और छोटे राजकुमार ने भी अपनी थाली के भोजन से पेट भर लिया| 

 निरक्षक सबकी कार्यविधि देखते रहे और छोटे prince से पूछा कि क्या तुम्हे इन शिकारी कुत्तो से डर नहीं लगा ?

छोटे Prince ने Smile करते हुये कहा “कुत्ते उसे काटते है, जो अकेले खाता है |
 बाँट कर खाने वाले को कोई जोखिम नहीं उठाना पड़ता है|” 

इस बुद्धिमानी पर सभी प्रसन्न हुए और उसे ही उत्तराधिकारी चुना| शासक हो चाहे नागरिक आदर्श व्यक्ति वही है, जो दुसरो को बांटना जानता है |

जो हमेशा बाँट कर खाता है वह कम में भी Satisfied हो जाता है और सामने वाले को भी Satisfied करता है जिससे उसे उस से किसी प्रकार के भी खतरे की आशंका कम हो जाती है। 

So I Think आपको कहानी Baant Kar Khaye पसन्द आयी होंगी।

लेख पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद् ||

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Story 1: कहानी- बाँट कर खाये Story 1: कहानी- बाँट कर खाये Reviewed by Anshul Gupta on 18:13:00 Rating: 5

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